जब काशी से उठी आवाज़: पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी की माँग में संत समाज की पहल
जब काशी से उठी आवाज़: पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी की माँग में संत समाज की पहल स्वस्थ भोजन, स्वस्थ समाज और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काशी से उठी एक महत्वपूर्ण आवाज़ स्वास्थ्य केवल अस्पतालों और दवाइयों से नहीं बचाया जा सकता। हमारी रोज़मर्रा की भोजन-व्यवस्था, विशेषकर बच्चों और युवाओं द्वारा खाए जाने वाले पैकेज्ड एवं अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, आज सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण प्रश्न बन चुके हैं। इसी चिंता को लेकर सितंबर 2022 में काशी के दो धार्मिक-सामाजिक संगठनों ने भारत सरकार के समक्ष पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर प्रभावी चेतावनी लेबल लगाने की मांग रखी। विश्व हिन्दू परिषद, काशी महानगर की अपील 28 सितंबर 2022 को विश्व हिन्दू परिषद, काशी महानगर (उत्तर जिला) के अध्यक्ष अनुराग त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र भेजकर पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (FOPL) को अनिवार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पत्र में युवाओं में बढ़ते हृदय रोग के जोखिम और अत्यधिक नमक, चीनी तथा वसा वाले भोजन को लेकर चिंता व्यक्त की गई। इसमें कहा गया कि अस्वास्थ्यकर आहार पूरे श...